पुलिस ने 10–15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम बनी अस्थाई जेल, शहर में शांति
धार। प्रशासन की मनाही के बावजूद धार की सड़कों पर वाहन रैली निकालने की योजना विफल रही। शहर में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस बल ने मोर्चा संभाला और रैली शुरू होने से पहले ही सक्रिय होकर आयोजन से जुड़े सदस्यों को रास्ते में ही रोक दिया।
मंगलवार (15 सितंबर) को दोपहर 2:00 बजे ‘सनातन प्रहरी’ संगठन के सदस्यों ने पीजी कॉलेज मैदान से विजय मंदिर तक ‘वराह मार्च वाहन रैली’ निकालने का आह्वान किया था। जिला प्रशासन द्वारा पहले ही इस रैली की अनुमति निरस्त कर दी गई थी। इसके बावजूद जब कुछ कार्यकर्ता सोशल मीडिया संदेशों और अन्य माध्यमों से कॉलेज मैदान की ओर बढ़ने लगे, तो पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें बीच रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने इंदौर नाका, घोड़ा चौपाटी, बस स्टैंड, राजबाड़ा और पीजी कॉलेज सहित सभी संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी थी।
एएसपी विजय डावर के अनुसार, मैदान तक पहुंचने की कोशिश कर रहे लगभग 10 से 15 लोगों को रास्ते में ही रोककर पीजी कॉलेज के ऑडिटोरियम हॉल में बनाई गई अस्थाई जेल में भेज दिया गया।

एसपी सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने रैली की सूचना मिलते ही अनुमति निरस्त कर दी थी और पिछले दो-तीन दिनों से संगठन से संवाद कर मार्च न निकालने की समझाइश दी जा रही थी। एहतियातन फिक्स पॉइंट्स और लगातार पेट्रोलिंग के जरिए स्थिति पर नजर रखी गई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों का आकलन कर उनसे शांति व्यवस्था बनाए रखने का बॉन्ड भरवाया जाएगा; नियमों का पालन करने की प्रतिबद्धता पर ही उन्हें छोड़ा जाएगा, अन्यथा जेल वारंट तैयार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। फिलहाल शहर में बाजार सामान्य रूप से खुले हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
