कलेक्टर से बोले- ‘निजी जमीन को ग्रीन बेल्ट से मुक्त करो’
धार। अपनी ही पुश्तैनी जमीन पर मालिकाना हक छिनने और भविष्य के अंधकारमय होने की आशंका ने मालीवाड़ा के सैकड़ों परिवारों की नींद उड़ा दी है। शहर के मास्टर प्लान में निजी जमीनों को ‘ग्रीन बेल्ट’ और ‘कंजर्वेशन जोन’ के दायरे में समेटे जाने के खिलाफ अब लोगों का असंतोष मुखर विरोध में बदल चुका है।
मंगलवार को धार के जिला पंचायत कार्यालय में आयोजित जिला जनसुनवाई के दौरान सकल पंच फूल माली समाज के सैकड़ों लोग पूर्व अध्यक्ष दुलीचंद मालीवाल के नेतृत्व में पहुँचे। यहाँ समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर राजीव रंजन मीना को ज्ञापन सौंपकर मास्टर प्लान में तुरंत संशोधन करने और मालीवाड़ा क्षेत्र की निजी जमीनों को प्रतिबंधित जोन से बाहर कर ‘आवासीय क्षेत्र’ घोषित करने की पुरजोर मांग की। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराने का भरोसा दिया है।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि मालीवाड़ा की यह जमीन मुख्य रूप से छोटे किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की निजी व पुश्तैनी संपत्ति है, जिस पर खेती कर वे अपनी आजीविका चलाते हैं। यदि यह जमीन ग्रीन बेल्ट या कंजर्वेशन जोन में दर्ज रहती है, तो रहवासी अपनी ही जमीन पर मकान या अन्य निर्माण नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा, जमीन का लैंड यूज़ सीमित होने के कारण बैंकों से लोन मिलने के रास्ते भी बंद हो जाएंगे, जिससे इन परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
