धार। जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देती हुई दो अलग-अलग हिंसक वारदातें सामने आई हैं। धार शहर और गंधवानी में पुरानी दुश्मनी और आपसी विवादों के चलते जानलेवा हमले किए गए, जिनमें हथियारबंद आरोपियों ने पीड़ितों को गंभीर रूप से चोट पहुंचाई। पुलिस ने दोनों ही मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुरानी रंजिश में तीन ने किया एक युवक पर जानलेवा हमला
धार शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत बस स्टैंड स्थित इमली पेड़ के पास हुई। यहाँ 14 जुलाई मंगलवार की रात लगभग 10:45 बजे, 22 वर्षीय ऋतिक (पिता सुरेश वाघेला, निवासी रैदास मार्ग) पर जानलेवा हमला किया गया। आरोपी अबुल (पिता फिरोज उर्फ चुचु) और उसके 2-3 अन्य साथियों ने पुराने विवाद के चलते ऋतिक को जान से मारने की नीयत से लोहे की टामी (रॉड) से सिर और शरीर पर वार कर गंभीर चोटें पहुंचाईं। पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 109(1), 3(5) और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत केस दर्ज किया है।
डंडों और धारदार फालिए से 5 बदमाशो ने किया जानलेवा हमला
गंधवानी थाना क्षेत्र के ग्राम पानवा (नरगावापुरा) में हुई। यहाँ 14 जुलाई मंगलवार की दोपहर करीब 1:00 बजे फरियादी श्रवण (पिता रामा नर्गेश, जाति भीलाला, उम्र 45 वर्ष) के घर के सामने आरोपियों ने एकमत होकर हमला किया। आरोपी नूरसिंह, जितेंद्र, सुखराम, अनिल, मुकेश और उनके साथियों ने गाली-गलौज करते हुए अर्जुन (पिता रामा, उम्र 55 वर्ष) को जान से मारने की नीयत से लात-घूंसों, डंडों और धारदार फालिए से बुरी तरह पीटा। इस दौरान आरोपियों ने वहाँ खड़ी एक पिकअप गाड़ी में भी तोड़फोड़ कर नुकसान पहुँचाया। पुलिस ने इस मामले में 14 जुलाई की शाम 07:39 बजे आरोपियों पर बीएनएस की धारा 296, 109(1), 191(3), 324(4) के तहत मामला दर्ज किया है।
इन दोनों घटनाओं के पीछे पुरानी रंजिश और आपसी विवाद मुख्य वजह बनकर सामने आए हैं। धार कोतवाली पुलिस ने देहाती नालसी (प्रारंभिक शिकायत) के आधार पर 15 जुलाई की रात 01:10 बजे मामला कायम किया, जबकि गंधवानी में फरियादी के खुद थाने हाजिर होने पर त्वरित कार्रवाई की गई।
इन मामलों के बाद दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की गश्त बढ़ाने की मांग उठ रही है। एससी/एसटी एक्ट और जानलेवा हमले (BNS 109) जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के कारण, पुलिस अब आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और भविष्य में इस तरह के आपसी टकरावों को रोकने के लिए पुलिस आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है।
