नौकरी के नाम पर युवाओं की मार्कशीट रखकर करते थे रुपयों की डिमांड
इंदौर। नौकरी की तलाश में भटक रहे युवाओं के भविष्य को बंधक बनाकर उगाही करने वाले गिरोह पर इंदौर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। मूल शैक्षणिक दस्तावेज लौटाने के एवज में पैसे वसूलने के चर्चित मामले में विजयनगर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी मयंक सर्राफ के बाद अब उसकी पत्नी पूजा सर्राफ को भी गिरफ्तार कर लिया है।
यह पूरी कार्रवाई इंदौर के विजयनगर थाना क्षेत्र में स्थित ऑर्बिट मॉल की ‘अल्फा जॉब कंसल्टेंसी’ के खिलाफ की गई है। मुख्य आरोपी मयंक सर्राफ युवाओं को अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे संपर्क करता था और उनकी ओरिजिनल मार्कशीट, डिग्रियां व अन्य अहम दस्तावेज जमा करवा लेता था। जब युवाओं को नौकरी नहीं मिलती थी और वे अपने मूल दस्तावेज वापस मांगते थे, तो उनसे पैसों की अवैध मांग की जाती थी। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 316, 318 और 308 के तहत प्रकरण दर्ज कर पहले मुख्य आरोपी मयंक को गिरफ्तार किया था, जिसके दफ्तर से 313 युवाओं के मूल दस्तावेज बरामद हुए थे।
पत्नी के बैंक खाते में मिले अपराध के पैसे
एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि ठगी और वसूली से जुटाई गई रकम मयंक की पत्नी पूजा सर्राफ के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती थी। वित्तीय लेन-देन में सीधी संलिप्तता और ठोस सबूत मिलने के बाद पुलिस ने पूजा सर्राफ को सह-आरोपी बनाते हुए हिरासत में ले लिया। वर्तमान में पुलिस दोनों आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय रिकॉर्ड्स की विस्तृत जांच कर रही है।
पीड़ितों को दस्तावेज लौटाने के लिए विशेष टीम गठित
बरामद किए गए 313 शैक्षणिक दस्तावेजों को उनके वास्तविक स्वामियों तक सुरक्षित पहुंचाने और अन्य संभावित पीड़ितों की शिकायतें दर्ज करने के लिए विजयनगर पुलिस ने एक विशेष टीम और व्यवस्था बनाई है। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य संभावित पीड़ितों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है, जिससे ठगी के इस पूरे तंत्र की कड़ियों को पूरी तरह बेनकाब किया जा सके।
