“अग्निपरीक्षा से गुजरकर मजबूत हुआ भोजशाला का सत्य, शीघ्र लौटेगा राजा भोज का वैभव” -साध्वी ऋतंभरा
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की पूजा-अर्चना, बोलीं— “मां वाग्देवी की प्रतिमा भी जल्द आएगी वापस” धार। जिस तरह प्रह्लाद आग की लपटों में भी सुरक्षित रहे, उसी प्रकार तमाम अग्निपरीक्षाओं और कठिनाइयों को पार कर भोजशाला का सत्य उजागर हुआ है। सनातन संस्कृति की शक्ति और सत्य के बल पर ही आज भोजशाला का गौरव…
