फरार दुष्कर्मी सिद्दीक खाँ को सादलपुर पुलिस ने दबोचा
धार। गंभीर अपराध में 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा पाने और जमानत निरस्त होने के बाद कानून की आंखों में धूल झोंक रहे आरोपी सिद्दीक खाँ को आखिरकार पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। जमानत पर बाहर आकर दोबारा घिनौनी वारदात को अंजाम देने वाले इस शातिर अपराधी की तलाश में सादलपुर पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सादलपुर थाना पुलिस ने 7 सितंबर 2026 को घेराबंदी कर फरार आरोपी सिद्दीक (पिता मुनीर खाँ, निवासी केसुर) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम ने उसे धार स्थित सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से न्यायिक आदेश के तहत आरोपी को सीधे जिला जेल धार भेज दिया गया है। इस धरपकड़ कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण ठाकरे, सहायक उपनिरीक्षक राकेश सिंह मेड़ा और आरक्षक शैलेंद्र विश्वकर्मा की सक्रिय भूमिका रही।
आरोपी के खिलाफ वर्ष 2019 में सादलपुर थाने में अपराध क्रमांक 332/2019 के तहत अपहरण, दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी और पॉक्सो एक्ट (धारा 363, 366-A, 376(2)(N), 506 भादवि व 5(N)/6 पॉक्सो एक्ट) का मामला दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में न्यायालय ने 9 अप्रैल 2021 को दोष सिद्ध पाते हुए उसे 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में (CRA No. 3172/2021) प्रभावी पैरवी कर उसकी जमानत निरस्त कराई गई थी।
जमानत की अवधि के दौरान आरोपी ने अपनी आपराधिक प्रवृत्ति जारी रखते हुए वर्ष 2022 में फिर से छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट (अपराध क्रमांक 353/2022) की गंभीर घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने इस दूसरे मामले में भी सक्रियता दिखाते हुए उसकी जमानत रद्द करवा दी थी, जिसके बाद से वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था। सादलपुर पुलिस द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में आदतन और गंभीर अपराधियों के बीच कानून का कड़ा संदेश गया है।
