Headlines

माँ बगलामुखी मंदिर में वित्तीय गड़बड़ी के आरोप : कलेक्टर ने बैठाई त्रि-सदस्यीय जांच समिति, 7 दिन में मांगी रिपोर्ट

उज्जैन। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में दान और चढ़ावे को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। मंदिर परिसर में शासकीय प्रबंधन समिति के अलावा एक गैर-शासकीय समिति द्वारा अवैध रूप से नकद और सोने-चांदी के आभूषण दान में लेने तथा निजी बैंक खातों के इस्तेमाल के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस पूरे खेल की तह तक जाने के लिए एक उच्च स्तरीय संयुक्त जांच दल का गठन कर दिया है।

आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित प्रसिद्ध माँ बगलामुखी मंदिर परिसर में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बाद, 7 जुलाई को जिला कलेक्टर प्रीति यादव द्वारा एक आधिकारिक आदेश (क्रमांक/शिकायत/2026/53) जारी किया गया। इस आदेश के तहत मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए एक त्रि-सदस्यीय संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है। इस समिति के अध्यक्ष जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीएस सोलंकी हैं, जबकि जिला कोषालय अधिकारी मनीष सोलंकी और नगर परिषद नलखेड़ा की मुख्य नगर पालिका अधिकारी मिनी अग्रवाल को सदस्य बनाया गया है।

जांच के प्रमुख बिंदु और निर्देश :

यह समिति मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर अपनी जांच केंद्रित करेगी:

  • मंदिर परिसर में किसी गैर-शासकीय या अपंजीकृत समिति द्वारा दान या चढ़ावा प्राप्त करने के लिए चलाई जा रही समानांतर व्यवस्था की जांच करना।
  • रसीद पुस्तिकाओं, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर प्राप्त हुए नकद और सोने-चांदी के आभूषणों की सही मात्रा का सत्यापन करना।
  • इस पूरे प्रकरण में किसी शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, मंदिर प्रबंधन या अन्य संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता और उनकी जिम्मेदारी का पता लगाना।

कलेक्टर ने जांच दल को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल मंदिर परिसर का निरीक्षण करें, आवश्यक अभिलेखों का परीक्षण करें और संबंधित पक्षों के बयान व साक्ष्य दर्ज कर 07 दिनों के भीतर अपनी स्पष्ट रिपोर्ट और अनुशंसाएं प्रस्तुत करें।

इस आदेश की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुसनेर-नलखेड़ा, तहसीलदार और माँ बगलामुखी मंदिर प्रबंधन के प्रशासक सहित सभी संबंधित विभागों को आवश्यक समन्वय और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए भेज दी गई है। इस जांच के नतीजों से यह साफ हो जाएगा कि आस्था के इस बड़े केंद्र में वित्तीय स्तर पर क्या कमियां रही हैं। समिति की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर होने वाली कार्रवाई से भविष्य में मंदिर के चढ़ावे और प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *