20 हजार रुपए एडवांस के बदले बनाया घर में मजदूरी का दबाव, नहीं माने तो पति-पत्नी से मारपीट व अपहरण
धार। जिले के बाग थाना क्षेत्र के ग्राम बाणदा में रुपयों के लेनदेन और जबरन मजदूरी कराने के विवाद में एक महिला के सनसनीखेज अपहरण का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले एक युवक के साथ उसके घर के सामने बेरहमी से मारपीट की और फिर उसकी 25 वर्षीय पत्नी को जबरन कार में बैठाकर फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना गुरुवार, 9 जुलाई की शाम करीब 6:00 बजे की है। फरियादी संतोष (28 वर्ष), पिता शंकर देवका, निवासी बाणदा ने पुलिस को बताया कि वह अपने परिवार के साथ गुजरात के बारडोली के पास तरसाली पेपर मिल के समीप एक प्लास्टिक कंपनी में काम करता है, जिसके लिए उसने 20,000 रुपए एडवांस लिए थे। इसी बात को लेकर आरोपी राज डावर, दिनेश डावर (दोनों निवासी बंशी कॉलोनी, बाग), भावेश (निवासी अज्ञात) और उनका एक अन्य साथी संतोष के घर के सामने आए।
आरोपियों ने संतोष पर दबाव बनाया कि या तो वह एडवांस के रुपये तुरंत लौटाए या उनके साथ काम करने चले। जब संतोष ने 15 तारीख तक रुपये लौटाने की बात कही, तो आरोपियों ने मना कर दिया और उसके साथ हाथ-थप्पड़ से मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद आरोपी संतोष के घर में घुसे और उसकी पत्नी रिनुबाई (25 वर्ष) को जबरन घसीटते हुए मुख्य रोड तक लाए, जहाँ खड़ी सफेद रंग की अर्टिगा कार में उसे बैठाकर कुक्षी रोड की तरफ भाग निकले।
फरियादी के मुताबिक, अगवा की गई रिनुबाई के पास संतोष का मोबाइल फोन भी है, जिसे आरोपियों ने फिलहाल बंद कर दिया है। घटना के बाद फरियादी ने थाने पहुँचकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके कारण कायमी रात 10:44 बजे की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2), 140(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में एडवांस रकम (पेसगी) के नाम पर मजदूरों के उत्पीड़न और बंधुआ मजदूरी के दबाव की गंभीर स्थिति को रेखांकित करती है। महिला के पास मौजूद मोबाइल फोन बंद होने के कारण पुलिस तकनीकी सर्विलांस (लोकेशन ट्रेसिंग) के जरिए अर्टिगा कार और आरोपियों का सुराग लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस की प्राथमिक टीमें कुक्षी रोड और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि महिला को जल्द से जल्द सुरक्षित मुक्त कराया जा सके।
