धार। अपने लापता और मानसिक रूप से अस्वस्थ पिता की तलाश में भटक रहे एक बेकसूर युवक को ग्रामीणों के गुस्से और गलतफहमी का शिकार होना पड़ा। थाना धामनोद के अंतर्गत आने वाले ग्राम पलासिया में कुछ अज्ञात महिला और पुरुषों ने एक युवक को न केवल बेरहमी से पीटा, बल्कि उसे पेड़ से बांधकर गंभीर रूप से प्रताड़ित भी किया। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
यह पूरी घटना 9 जुलाई (गुरुवार) दोपहर करीब 2:00 से 3:00 बजे के बीच की है। घायल युवक के पिता दशरथ कटारे (उम्र 50 वर्ष) पिछले 8 दिनों से बिना बताए घर से कहीं चले गए हैं, जिनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। युवक अपनी मोटरसाइकिल से अकेले उन्हें ढूंढने के लिए ग्राम दूधी कंपनी की तरफ जा रहा था। रास्ते में ग्राम पलासिया के पास जब वह पेशाब करने के लिए रुका, तो थोड़ी दूरी पर एक लड़की जानवर चरा रही थी। इसी दौरान पलासिया गांव के कुछ अज्ञात महिला और पुरुष अचानक वहां पहुंच गए और युवक पर लड़की के पास रुकने का संदेह करते हुए सवाल-जवाब करने लगे। इससे पहले कि युवक कुछ समझ पाता, भीड़ ने उस पर थप्पड़, मुक्कों और लकड़ियों से हमला कर दिया।
हैरानी की बात यह रही कि मारपीट के बाद भी ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने युवक को वहीं एक पेड़ से बांध दिया और उसे मां-बहन की बेहद गंदी और अश्लील गालियां दीं। पीड़ित युवक ने बताया कि वह वहां मौजूद किसी भी महिला या पुरुष को नहीं जानता था। घटना की सूचना मिलने और पीड़ित की प्रारंभिक चिकित्सीय जांच व बयानों के आधार पर, धामनोद पुलिस ने उसी दिन 9 जुलाई रात 10:57 बजे केस दर्ज किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296बी, , 115(2), 126(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बिना सच्चाई जाने कानून हाथ में लेने और हिंसक होने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए पलासिया गांव के लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी से भविष्य में क्षेत्र में ऐसी हिंसक गलतफहमियों और ‘मॉब लिंचिंग’ जैसी अमानवीय स्थितियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
