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कनिष्ठ यंत्री 40 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

सोलर पैनल की फाइल आगे बढ़ाने के लिए मांगे थे 80 हजार रुपए

इंदौर। लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। बिजली विभाग के एक कनिष्ठ यंत्री (जेई) को लोकायुक्त की टीम ने शनिवार को 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत वरिष्ठ अधिकारियों के सख्त निर्देशों पर की गई है।

रिश्वत लेते रंगे हाथों धराया आरोपी

यह पूरी कार्रवाई शनिवार, 18 जुलाई शनिवार को सुखलिया जोन स्थित मप्रपक्षेविविकलि के सहायक यंत्री कार्यालय में हुई। लोकायुक्त टीम ने सुखलिया जोन के कनिष्ठ यंत्री नमेश कुमार भोंडेकर को शिकायतकर्ता शिवप्रकाश बसवाल (बिल्डर व होटल व्यवसायी) से 40,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए उनके कार्यालयीन कक्ष में ही पकड़ा। आरोपी ने होटल की इमारत पर सोलर पैनल लगाने संबंधी फाइल को आगे बढ़ाने के बदले यह मोटी रकम मांगी थी।

फाइल आगे बढ़ाने के एवज में मांगी थी घूस

पीड़ित व्यवसाई शिवप्रकाश बसवाल ने 17 जुलाई को लोकायुक्त कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अम्बे नगर में जीआर-7 होटल की इमारत पर सोलर पैनल लगाने की फाइल को मंजूरी के लिए आगे बढ़ाना था। इसके एवज में कनिष्ठ यंत्री नमेश भोंडेकर द्वारा 80,000 रुपए की रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक ने मामले का गुप्त रूप से सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई।

लोकायुक्त टीम ने ऐसे बिछाया जाल

शिकायत सही पाए जाने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के मार्गदर्शन और निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में एक विशेष ट्रेप दल का गठन किया गया। योजना के मुताबिक, जैसे ही शनिवार को शिकायतकर्ता ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 40,000 रुपए आरोपी यंत्री को सौंपे, वैसे ही पहले से तैयार लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। लोकायुक्त दल में प्रधान आरक्षक विजय कुमार, विवेक मिश्रा और कई आरक्षक शामिल थे।

महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरूद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने के निर्देश पर उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में तथा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त राजेश सहाय के नेतृत्व में लोकायुक्त इंदौर संभाग द्वारा सफल ट्रैप कार्यवाही की गई।

भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज

रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने आरोपी अधिकारी नमेश कुमार भोंडेकर के खिलाफ धारा 7 (भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मौके पर टीम द्वारा कागजी और रासायनिक कार्रवाई पूरी की गई। विभाग अब आरोपी के अन्य विभागीय मामलों और संपत्तियों की भी जांच कर सकता है।

आम जनता से लोकायुक्त की अपील

लोकायुक्त संगठन लगातार भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अभियान चला रहा है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो वे सीधे मोती बंगला, एमजी रोड स्थित लोकायुक्त कार्यालय में या दूरभाष नंबर 0731-2533160 और 0731-2430100 पर बेझिझक संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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