लंबे इंतजार के बाद आई खुशखबरी
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में स्टेनोग्राफर और कार्यालयीन स्टाफ की कमी जल्द ही दूर होने जा रही है। पिछले करीब 08 वर्षों से विभाग में इन पदों पर कोई भर्ती नहीं हुई थी, जिसके कारण बड़ी संख्या में पद खाली पड़े थे। इस कमी को दूर करने के लिए वर्ष 2025 में पुलिस मुख्यालय द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने त्वरित मंजूरी दी थी, जिसके बाद अब इस भर्ती प्रक्रिया का अंतिम परिणाम सफलतापूर्वक घोषित कर दिया गया है।
किस पद पर कितने अभ्यर्थियों का हुआ चयन
मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा आयोजित इस सूबेदार (अ) (स्टेनो) एवं सहायक उप निरीक्षक (अ) भर्ती परीक्षा-2025 के माध्यम से कुल 438 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया है। यह परिणाम हाल ही में मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा जारी किया गया है। कुल चयनित उम्मीदवारों में सूबेदार (अ) (स्टेनो) के 88 अभ्यर्थी (30 महिला, 58 पुरुष) और सहायक उप निरीक्षक (अ) के 350 अभ्यर्थी (122 महिला, 228 पुरुष) शामिल हैं।
13 प्रतिशत पदों का परिणाम कोर्ट के आदेश पर रुका
भर्ती के कुल स्वीकृत पदों में से 13 प्रतिशत पदों के परिणाम को फिलहाल जारी नहीं किया गया है। माननीय न्यायालय के आदेशानुसार इन पदों के रिजल्ट को अभी होल्ड पर रखा गया है। विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि न्यायालय के आगामी दिशा-निर्देशों और निर्देशों के अनुरूप ही इन होल्ड रखे गए पदों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन से लेकर रिजल्ट तक का सफर
इस पूरी भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत पिछले साल 19 सितंबर 2025 को विज्ञापन जारी होने के साथ हुई थी। इसके बाद 03 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन लिए गए। 17 और 18 दिसंबर 2025 को लिखित परीक्षा का आयोजन हुआ, जिसका परिणाम 17 फरवरी 2026 को आया था। लिखित परीक्षा के बाद उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए 02 से 04 जून 2026 तक हिंदी टंकण (टाइपिंग), शीघ्र लेखन (स्टेनोग्राफी) और दस्तावेज परीक्षण (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) का चरण पूरा किया गया।
आगे की प्रक्रिया और पुलिस प्रशासन पर प्रभाव
लिखित और व्यावहारिक परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट बनाकर यह अंतिम चयन सूची जारी की गई है। अब चयनित अभ्यर्थियों को नियमों के अनुसार जिला/इकाई का आवंटन किया जाएगा, जिसके बाद दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी कर उन्हें नियुक्ति दी जाएगी। इसके बाद सभी चयनितों को मध्य प्रदेश पुलिस के प्रशिक्षण संस्थानों में बुनियादी ट्रेनिंग दी जाएगी। इस भर्ती से पुलिस प्रशासन को प्रशिक्षित और कुशल स्टाफ मिलेगा, जिससे पुलिस विभाग की कार्यकुशलता और सेवा वितरण प्रणाली और अधिक मजबूत तथा प्रभावी होगी।
