इंदौर। शेयर बाजार में रातों-रात मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर साइबर ठग किस तरह लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं, इसका एक और सनसनीखेज मामला शहर में सामने आया है। नामी कैपिटल कंपनी का फर्जी सेबी रजिस्ट्रेशन दिखाकर जालसाजों ने एक व्यक्ति को अपने झांसे में लिया और फर्जी ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से 7.5 लाख रुपये ऐंठ लिए।
यह मामला इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है, जहां स्वामी दयानंद नगर निवासी फिरोज खान के साथ अमेरिकी और भारतीय शेयर बाजार में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी की गई। पीड़ित ने मोबाइल में ‘मार्केट वोल्फ’ नामक ऐप इंस्टॉल किया था, जिसके बाद अज्ञात जालसाजों ने उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया। खुद को प्रतिष्ठित ब्रोकरेज फर्म ‘अमांसा कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड’ का प्रतिनिधि बताकर और फर्जी सेबी प्रमाण पत्र दिखाकर ठगों ने पीड़ित का भरोसा जीता। इसके बाद अलग-अलग किस्तों में कुल 7 लाख 50 हजार रुपये जमा करवा लिए गए।
जब पीड़ित ने मुनाफा और मूलधन निकालने का प्रयास किया, तो ऐप से राशि ट्रांसफर नहीं हुई। इसके तुरंत बाद ग्रुप एडमिन और मैनेजर ने बातचीत बंद कर सभी संपर्क काट दिए। ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ने राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि जालसाजों ने खुद को ब्रोकरेज फर्म बताकर पीड़ित से संपर्क किया और ‘मार्केट वुल्फ’ ऐप के जरिए निवेश के नाम पर लगभग 7.5 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। राजेंद्र नगर थाने में बीएनएस (BNS) की धारा 318 और 319 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के गिरोह किसी भी वास्तविक कार्यालय से संचालित नहीं होते, बल्कि सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। पुलिस लगातार एडवाइजरी और जागरूकता अभियानों के जरिए नागरिकों को ऐसे अनधिकृत ट्रेडिंग ऐप्स और फर्जी एडवाइजरी ग्रुप्स से दूर रहने की अपील कर रही है। आने वाले दिनों में साइबर सेल तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस गिरोह के वित्तीय लेन-देन और बैंक खातों को ट्रैक कर कार्रवाई आगे बढ़ाएगी।
