धार से प्रेमसिंह ठाकुर, बंशीलाल कनोजे, रोहित निक्कम ओर नितेश राठौर बने रक्षित निरीक्षक
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस महकमे से एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। पुलिस मुख्यालय भोपाल ने विभाग में बड़े पैमाने पर पदोन्नति की सूची जारी की है, जिसके तहत 165 अधिकारियों को नए पद का प्रभार और जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस कदम से प्रदेश के विभिन्न जिलों और पुलिस ट्रेनिंग सेंटरों में सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज को नई मजबूती मिलेगी।
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल द्वारा 12 जुलाई रविवार को पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) हरिनारायणाचारी मिश्र के हस्ताक्षर से एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया। इस आदेश के तहत राज्य के विभिन्न जिलों और पुलिस प्रशिक्षण संस्थानों (जैसे इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, शिवपुरी आदि) में पदस्थ कुल 165 सूबेदार और कार्यवाहक रक्षित निरीक्षकों को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक रक्षित निरीक्षक (RI) के रिक्त पदों पर पदोन्नत किया गया है। यह पूरी प्रक्रिया मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 30 जून 2026 को जारी पत्र और ‘मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025’ के अंतर्गत मिले विधिक परामर्श के आधार पर पूरी की गई है।
धार जिले के लिए महत्वपूर्ण
इस पदोन्नति सूची में धार जिले का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। आदेश के अनुसार, धार जिले में वर्तमान में पदस्थ दो अधिकारियों को रक्षित निरीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है। सूची के क्रमांक 40 पर दर्ज प्रेम सिंह ठाकुर और क्रमांक 99 पर दर्ज बंशीलाल कनोजे, जो कि वर्तमान में धार में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, अब रक्षित निरीक्षक (RI) के रूप में कार्यभार संभालेंगे। इसके अलावा, क्रमांक 132 पर पदस्थ रोहित निक्कम और क्रमांक 164 पर पदस्थ नितेश राठौर का नाम भी इस सूची में शामिल है, जो धार जिले में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
वेतनमान और नियम शर्तें
पदोन्नत किए गए इन सभी अधिकारियों को उनके कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से वर्तमान में लागू वेतनमान 9300-34800 + 4200 (मध्य प्रदेश वेतन पुनरीक्षण नियम-2017 के तहत पे-मेट्रिक्स लेवल-10) का लाभ मिलेगा। इस आदेश के जारी होने के बाद, पूर्व में लागू जी.ओ.पी. 148/21 के तहत दिए गए कार्यवाहक प्रभार को निरस्त कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई अधिकारी निलंबित है, जिसके खिलाफ विभागीय जांच या आपराधिक मामला लंबित है, या जिसने मूलभूत प्रशिक्षण पूरा नहीं किया है, उन्हें पदोन्नति पर कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही वेतन निर्धारण के लिए अधिकारियों को एक महीने के भीतर अपना विकल्प देना होगा।
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी यह आदेश ‘मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025’ के क्रियान्वयन की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि ये सभी पदोन्नतियां माननीय सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के समक्ष लंबित विशेष अनुमति याचिका क्रमांक 13954/2016 तथा भविष्य में कोर्ट द्वारा आने वाले फैसलों के अधीन रहेंगी। आने वाले दिनों में इन अधिकारियों की नई जगह पर तैनाती से पुलिसिंग की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है।
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