आनंद तिवारी और विश्वदीप सिंह परिहार बने डीएसपी
भोपाल। मध्यप्रदेश के पुलिस महकमे से एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में एक साथ बड़े पैमाने पर अधिकारियों को पदोन्नति का तोहफा दिया है। लंबे समय से अपनी पदोन्नति का इंतजार कर रहे निरीक्षक संवर्ग के अधिकारियों को अब उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर प्रमोट कर दिया गया है, जिससे पुलिस विभाग के प्रशासनिक ढांचे में नई ऊर्जा आने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा सोमवार, 13 जुलाई 2026 को मंत्रालय (वल्लभ भवन, भोपाल) से एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया। इस आदेश के तहत राज्य शासन ने विभिन्न संवर्गों के 300 से अधिक निरीक्षकों को उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदोन्नत किया है। इस सूची में आनंद तिवारी (निरीक्षक संवर्ग, सरल क्रमांक 95) और विश्वदीप सिंह परिहार (निरीक्षक संवर्ग, सरल क्रमांक 117) के नाम प्रमुखता से शामिल हैं, जिन्हें डीएसपी पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पदोन्नत हुए सभी अधिकारियों को छठवें वेतनमान (₹15,600-39,100 + ₹5,400 ग्रेड पे) और सातवें वेतनमान के लेवल-12 (₹56,100-1,77500) के तहत वेतनमान का लाभ मिलेगा।
पदोन्नति से जुड़े महत्वपूर्ण नियम और शर्तें
गृह विभाग द्वारा जारी इस आदेश में कई महत्वपूर्ण कानूनी और प्रशासनिक शर्तों का उल्लेख किया गया है:
- परिविक्षा अवधि: पदोन्नत पद पर कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से सभी अधिकारी दो वर्ष की परिविक्षा अवधि (Probation Period) पर रहेंगे।
- आरक्षण नियमों का पालन: इस पदोन्नति में मध्य प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 तथा मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के सभी कानूनी प्रावधानों का पूरी तरह पालन किया गया है।
- अदालती कार्यवाही के अधीन: यह आदेश वर्तमान में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष लंबित विशेष अनुमति याचिका क्रमांक 13954/2016 और भविष्य में आने वाले न्यायिक फैसलों के अधीन रहेगा।
आदेश के अनुसार, पदोन्नत किए गए आनंद तिवारी और विश्वदीप सिंह परिहार सहित सभी शासकीय सेवकों को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान निम्न पद से भारमुक्त कर दिया गया है। वे फिलहाल जिस विभाग या कार्यालय में पदस्थ हैं, वहीं उच्च पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे।
इन अधिकारियों की नई पोस्टिंग (स्थापना) के आदेश गृह विभाग द्वारा पृथक से जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, सभी अधिकारियों को आदेश मिलने के एक महीने के भीतर मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के नियम 13 के तहत अपना वेतन निर्धारण संबंधी विकल्प अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। इस थोक पदोन्नति से राज्य में कानून व्यवस्था को मजबूत करने और थानों व जिला स्तर पर पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
आदेश की कॉपी देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करे :
